दुनिया में रेयर अर्थ मिनरल्स के खनन और प्रोसेसिंग पर का लगभग 70% से 90% तक नियंत्रण माना जाता है। इसी वजह से कई देशों की सप्लाई चेन उस पर निर्भर रहती है।
चीन पर निर्भरता कम करने की दिशा में भारत ने के साथ दुर्लभ खनिजों (Rare Earths) को लेकर अहम समझौता किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एग्रीमेंट मजबूत सप्लाई चेन बनाने और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है।
ब्राजील के राष्ट्रपति के साथ बातचीत के बाद दोनों देशों ने 2030 तक 30 अरब अमेरिकी डॉलर के वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य भी तय किया है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह डील वैश्विक भू-राजनीतिक संतुलन और आर्थिक सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
Post a Comment