“चीन जिस गति से आगे बढ़ रहा है, हम उसके आसपास भी नहीं हैं। हम पीछे जा रहे हैं। पढ़ाई-लिखाई पर जोर देने की जगह हम पर धार्मिकता ज्यादा हावी है।”
— अभिनेता
इस बयान के बाद विकास, शिक्षा और सामाजिक प्राथमिकताओं को लेकर बहस तेज हो गई है। अलग-अलग वर्गों से मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
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